The Weaver with Two Heads – दो सिर वाला जुलाहा – मित्र की शिक्षा मानो

मित्र की शिक्षा मानो एक बार मन्थरक नाम के जुलाहे के सब उपकरण, जो कपड़ा बुनने के काम आते थे, टूट गये । उपकरणों को फिर बनाने के लिये लकड़ी की जरुरत थी । लकड़ी काटने की कुल्हाड़ी लेकर वह समुद्रतट पर स्थित वन की ओर चल दिया । समुद्र के किनारे पहुँचकर उसने एक … Read more

The Unforgiving Monkey King – वानरराज का बदला

लोभ बुद्धि पर परदा डाल देता है एक नगर के राजा चन्द्र के पुत्रों को बन्दरों से खेलने का व्यसन था । बन्दरों का सरदार भी बड़ा चतुर था । वह सब बन्दरों को नीतिशास्त्र पढ़ाया करता था । सब बन्दर उसकी आज्ञा का पालन करते थे । राजपुत्र भी उन बन्दरों के सरदार वानरराज … Read more

उदार भाईयों की कथा the Story of Generous Brothers

एक आदमी अपनी पत्नी के साथ रहता था। उन दिनों आदमी ही खेतों में काम करते, फसलें उगाते और पैसे कमाते थे। और जिनके लड़के होते थे, वे और ज्यादा ज़मीन पर काम कर सकते थे। उसके दो लड़के थे। वे दोनों मजबूत, जवान हो गये थे और अपने पिता के साथ कड़ी मेहनत करते … Read more

सच्चा प्यार क्या होता है What is true love

एक दिन शंकरन पिल्लै बगीचे में गया। वहाँ, पत्थर की बेंच पर एक सुंदर लड़की बैठी थी। वो उसी बेंच पर जा कर बैठ गया। कुछ मिनटों बाद वो लड़की के थोड़ा पास खिसका। वो दूर हो गयी। वह कुछ देर रुका और फिर थोड़ा नज़दीक खिसका। ऐसा करते-करते लड़की बेंच के सिरे तक पहुँच … Read more

बड़े नाम की महिमा- The Elephants And Hares – हाथी और चतुर खरगोश

बड़े नाम की महिमा एक वन में ’चतुर्दन्त’ नाम का महाकाय हाथी रहता था । वह अपने हाथीदल का मुखिया था । बरसों तक सूखा पड़ने के कारण वहा के सब झील, तलैया, ताल सूख गये, और वृक्ष मुरझा गए । सब हाथियों ने मिलकर अपने गजराज चतुर्दन्त को कहा कि हमारे बच्चे भूख-प्यास से … Read more

The Tale of Two Fishes & A Frog – दो मछलियों और एक मेंढक की कथा – एकबुद्धि की कथा

एक तालाब में दो मछ़लियाँ रहती थीं । एक थी शतबुद्धि (सौ बुद्धियों वाली), दूसरी थी सहस्त्रबुद्धि (हजार बुद्धियों वाली) । उसी तालाब में एक मेंढक भी रहता था । उसका नाम था एकबुद्धि । उसके पास एक ही बुद्धि थी । इसलिये उसे बुद्धि पर अभिमान नहीं था । शतबुद्धि और सहस्त्रबुद्धि को अपनी … Read more

The singing Donkey – संगीतमय गधा – मित्र की सलाह

मित्र की सलाह एक धोबी का गधा था। वह दिन भर कपडों के गट्ठर इधर से उधर ढोने में लगा रहता। धोबी स्वयं कंजूस और निर्दयी था। अपने गधे के लिए चारे का प्रबंध नहीं करता था। बस रात को चरने के लिए खुला छोड देता। निकट में कोई चरागाह भी नहीं थी। शरीर से … Read more

लोगों की राय – opinion of people

अधिकतर वे नेटवर्क मर्केटर कारोबार में इसलिए सफल नहीं होते क्योंकि वे अपने से ज्यादा दूसरों की बातों में आ जाते हैं, चाहे उनके माता-पिता हो या चाचा, मामा, दोस्त या कोई अजनबी ही क्यों ना हो| नीचे दी गई कहानी लोगों की राय से संबंधित है| एक बार भूचाल आने पर कुछ मेंढक एक … Read more

बिन कारण कार्य नहीं – Brahmani And Sesame Seeds – ब्राह्मणी और तिल के बीज

एक बार की बात है एक निर्धन ब्राह्मण परिवार रहता था, एक समय उनके यहाँ कुछ अतिथि आये, घर में खाने पीने का सारा सामान ख़त्म हो चुका था, इसी बात को लेकर ब्राह्मण और ब्राह्मण-पत्‍नी में यह बातचीत हो रही थी: ब्राह्मण-“कल सुबह कर्क-संक्रान्ति है, भिक्षा के लिये मैं दूसरे गाँव जाऊँगा । वहाँ … Read more

दुष्ट सर्प और कौआ-कव्वी का जोडा – Evil snake and Crow-pair

एक जंगल में एक बहुत पुराना बरगद का पेड था। उस पेड पर घोंसला बनाकर एक कौआ-कव्वी का जोडा रहता था। उसी पेड के खोखले तने में कहीं से आकर एक दुष्ट सर्प रहने लगा। हर वर्ष मौसम आने पर कव्वी घोंसले में अंडे देती और दुष्ट सर्प मौक़ा पाकर उनके घोंसले में जाकर अंडे … Read more